जो कहता नहीं फिरता हर दुख दुनिया से, बस अँधेरे में अपनी पलकें भिगो लेता है। जो कहता नहीं फिरता हर दुख दुनिया से, बस अँधेरे में अपनी पलकें भिगो लेता है।
बोओगे आम, आम ही पाओगे पर जीवन आग न लगाया करो बोओगे आम, आम ही पाओगे पर जीवन आग न लगाया करो
अपना भोजन दिन में बनाते, प्रकाश संश्लेषण क्रिया करते। अपना भोजन दिन में बनाते, प्रकाश संश्लेषण क्रिया करते।
परोपकार की भावना सिखाते हमें पेड़ जीवों को जीवन देने वाले हैं पेड़। परोपकार की भावना सिखाते हमें पेड़ जीवों को जीवन देने वाले हैं पेड़।
जीवन में रखिए सरिता सा प्रवाह, तय करनी ही होती स्वयं अपनी राह। जीवन में रखिए सरिता सा प्रवाह, तय करनी ही होती स्वयं अपनी राह।
मन की संकल्प शक्ति बढ़ाएं हम, स्वार्थ भाव तज, परमार्थ अपनाएं हम, मन की संकल्प शक्ति बढ़ाएं हम, स्वार्थ भाव तज, परमार्थ अपनाएं हम,